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Bangladesh Imports 45,000 Tonnes Diesel from India by April 2026 via Friendship Pipeline

By rahuldoli169@gmail.com

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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बांग्लादेश ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से अतिरिक्त डीजल इम्पोर्ट करने का फैसला किया है। अप्रैल तक भारत से कुल 45,000 टन डीजल बांग्लादेश पहुंचेगा। इसमें से 5,000 टन की पहली खेप पहुंच चुकी है, जबकि अगली खेप 18 या 19 मार्च तक पहुंचने की उम्मीद है।

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के जनरल मैनेजर (ऑपरेशंस) मोहम्मद मुर्शिद हुसैन आजाद ने बताया कि 40,000 टन अतिरिक्त डीजल के इम्पोर्ट का प्रस्ताव मिल चुका है। लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) और अन्य फॉर्मेलिटीज पूरी होते ही यह खेप भी अप्रैल तक आ जाएगी।

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद रुकी थी सप्लाई

भारत और बांग्लादेश के बीच डीजल की सप्लाई को आसान बनाने के लिए मार्च 2023 में ‘भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ (IBFP) का उद्घाटन किया गया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था।

इससे पहले डीजल की सप्लाई रेल वैगनों के जरिए होती थी, जो काफी खर्चीली और समय लेने वाली प्रक्रिया थी। हालांकि, पिछले साल बांग्लादेश में हुए राजनीतिक बदलाव और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान इस पाइपलाइन से सप्लाई रुक गई थी।

तारिक रहमान सरकार के आते ही बदली स्थिति

बांग्लादेश में हाल ही में हुए चुनावों के बाद जब प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने सत्ता संभाली, तो भारत के साथ ऊर्जा सहयोग फिर से पटरी पर लौट आया है।

पिछले कुछ दिनों में ही पाइपलाइन के जरिए 5,000 टन डीजल की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। यह डीजल भारत की सरकारी कंपनी ‘नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड’ (NRL) से सीधे बांग्लादेश के पार्बतीपुर डिपो भेजा जा रहा है।

भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है।

भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है।

पश्चिम एशिया में तनाव से बढ़ी थी तेल की किल्लत

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और इजराइल-ईरान जंग के कारण बांग्लादेश में ईंधन की कमी की आशंका पैदा हो गई थी। इसके चलते पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा होने लगी थी और लोग पैनिक बाइंग कर रहे थे। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने तेल की बिक्री पर राशनिंग (सीमित बिक्री) लागू कर दी थी।

अब भारत से सप्लाई बहाल होने के बाद सरकार ने यह पाबंदी हटा ली है। अधिकारियों का कहना है कि अब देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की जरूरत नहीं है।

ईद की छुट्टियों के लिए लिया गया फैसला

बांग्लादेश में ईद सबसे बड़ा त्यौहार है। इस दौरान लाखों लोग शहरों से अपने गांव जाते हैं। परिवहन व्यवस्था सुचारू रहे और आम लोगों को यात्रा में कोई दिक्कत न आए, इसलिए सरकार ने तेल की राशनिंग खत्म करने का फैसला लिया है। डीजल की उपलब्धता बढ़ने से बसों और अन्य वाहनों को ईंधन मिलने में आसानी होगी।

क्या है भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन?

  • लंबाई: यह पाइपलाइन करीब 131.5 किलोमीटर लंबी है।
  • विस्तार: इसका 5 किमी हिस्सा भारत में और 126.5 किमी हिस्सा बांग्लादेश में है।
  • क्षमता: पाइपलाइन के जरिए सालाना 10 लाख मीट्रिक टन डीजल भेजा जा सकता है।
  • फायदा: इससे परिवहन की लागत कम होती है और कार्बन फुटप्रिंट भी घटता है।

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मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनियाभर में एनर्जी पर संकट मंडरा रहा है, ऐसे में भारत ने असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को डीजल भेजना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि मंगलवार तक करीब 5,000 टन डीजल की पहली खेप बांग्लादेश पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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